dhanteras 2019 date and time|धनतेरस कब और क्यों मनाया जाता है.

 धनतेरस कब है|dhanteras 2020 date and time

Dhanteras kab hai, dhanteras puja 2020 date
Dhanteras puja

धनतेरस का महत्व

धनतेरस  का त्यौहार हिन्दूओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है । धनतेरस को कही-कही छोटी दिवाली भी कहा जाता जाता है क्योंकि यह पर्व दिवाली से ठीक दो दिन पहले मनाया जाता है । धनतेरस के दिन विशेष रूप से भगवान धन्वंतरि और धन के देवता कुबेर की पुजा की जाती है । धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऐसा माना जाता है कि धनतेरस के दिन इनकी पूजा करने जीवन में सुख-शांति और सम्पदा की वृद्धि होती है । इसी दिन दक्षिण दिशा में यम का दीपक जला कर यमराज की पुजा की जाती है । पौराणिक कथाओं के आधार पर ऐसा माना जाता है कि इस दिन दक्षिण दिशा में दीपक जला कर यमराज की पुजा करने से अकाल मृत्यु नही आती है । केवल धार्मिक दृष्टि से ही नही बल्कि व्यापारिक दृष्टिकोण से भी इस पर्व का काफी महत्व है क्योंकि सांस्कृतिक परंपरा के अनुसार धनतेरस के दिन पीतल  सोने- चांदी और इलेक्ट्रॉनिक्स वस्तुओं का खरीदना शुभ माना जाता है इसलिए इस दिन अरबों रुपये का कारोबार होता है ।
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धनतेरस क्यों मनाया जाता है ? 

अन्य पर्वो की भाँति धनतेरस के पीछे भी एक कहानी है ।
विष्णु पुराण के कथानुसार एक बार देवताओं और असुरों में भयंकर युद्ध हुआ । उस समय देवराज इंद्र दुर्वासा ॠषि के शाप के कारण शक्तिहीन हो गये थे और असुरों को शुक्राचार्य की 
शक्ति प्राप्त थी इसलिए उस युद्ध में असुर देवताओं पर भारी पड़ने लगे।
तब सभी देवता भगवान विष्णु के पास मदद मांगने गए । भगवान विष्णु ने की सलाह पर देवताओं ने असुरों संधि कर ली और फिर देवताओं ने असुरों के साथ मिलकर भगवान विष्णु के योजनानुसार समुद्र मंथन किया ताकि उसमे से निकले अमृत को पीकर अमर हो सकें और असुरों पर विजय प्राप्त कर सकें । समुद्र मंथन लगातार चौदह दिनों तक चलता रहा।  उसी में भगवान धन्वंतरि कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष में त्रयोदशी के दिन भगवान धन्वंतरि पीतल के कलश में अमृत का घड़ा लेकर प्रकट हुए । तभी से उनके जन्मदिन को धनतेरस के रूप में मनाया जाता है । भगवान धन्वंतरि के जन्म के दो दिन बाद लक्ष्मी जी का जन्म हुआ था इसलिए इनके साथ लक्ष्मी जी की भी पुजा होती है

धनतेरस कब है ? |धनतेरस पुजा का समय 
धनतेरस का त्यौहार कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष में त्रयोदशी को मनाया जाता है । इस वर्ष धनतेरस का त्यौहार 25 अक्टूबर 2019 दिन शुक्रवार को मनाया जाएगा । इस वर्ष धनतेरस पुजा का शुभ मुहूर्त 7:08 मिनट से 8:14 मिनट तक ।
धनतेरस पुजा कैसे करें
धनतेरस के दिन सूर्यास्त होते ही दक्षिण दिशा की ओर यम का दीपक जला कर यमराज का स्मरण करके प्रार्थना करना चाहिए ताकि आपके परिवार पर अकाल मृत्यु की छाया ना पडे़। तत्पश्चात उत्तर दिशा की ओर भगवान धन्वंतरि और कुबेर महाराज को स्थापित करें । उसके बगल में मिट्टी का हाथी रखें । फिर बाजार से खरीदें हुए नये बर्तनों को सामने रखकर उस पर 卐 स्वास्तिक बनायें । उसके बाद हाथी पर तिलक लगाकर घी के दीपक जलाये । कुबेर महाराज को सफेद रंग के मिठाई का और भगवान धन्वंतरि को पीले रंग का मिठाई भोग लगा कर फल-फुल और अक्षत हाथ में लेकर प्रार्थना करना चाहिए ।

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