कोरोनावायरस महामारी का वास्तविक कारण क्या है ?

कोरोनावायरस का वास्तविक कारण|Coronavirus real reason in hindi

Coronavirus mahamari Ka vastawik karan
Coronavirus pandemic
कोरोना वायरस के बारे में संपूर्ण जानकारी

कोरोनावायरस इंसानों में क्यों आया

कोरोनावायरस इस वक्त दुनिया में हर जगह सिर्फ और सिर्फ कोरोनावायरस के बारे में ही बात हो रही है। और इस आर्टिकल में मैं भी कोरोना वायरस के बारे में ही बात करने वाला हूं। लेकिन आज मैं इस महामारी के पीछे छिपे हुए उन रहस्यों के बारे में बताने वाला हूं। जिनके बारे में आपको किसी ने नहीं बताया होगा। और अगर आपने मेरी बातों को ठीक से समझ लिया तो आप कोरोना वायरस के वास्तविक कारणों को जान जाएगें।
दोस्तों करीब तीन महीने पहले कोरोनावायरस सामने आया था। और इतने दिनों में हम सभी ये जान चुके हैं कि यह वायरस जंगली जानवरों में पाया जाने वाला वायरस है। जो जानवरों से इंसानों के शरीर में दाखिल हो गया है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर यह वायरस जानवरों के शरीर को छोड़कर इंसानी शरीर पर क्यों कब्जा करना चाहता है। इस सवाल का जवाब जानने के लिए हमने वैज्ञानिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से काफी विचार किया, काफी स्टडी की। और अंत में जो जबाब मुझे मिला वह काफी चिंतित करने वाला है।

मनुष्य का वन्यजीवों पर अत्याचार

इस महामारी के रहस्य को सुलझाने के लिए हमें आदिम युग में चलना होगा। जब इस पृथ्वी पर मानव जीवन की शुरुआत हुई थी उस वक्त हमारे पास ना तो ज्ञान था और ना विज्ञान। हम अन्य जंगली जानवरों के साथ जंगलों में रहते थे। धीरे-धीरे हमारी बुद्धि का विकास हुआ,और हमने ज्ञान और विज्ञान को जाना। जिनके दम पर हम इंसान पृथ्वी के सर्वश्रेष्ठ जीव कहलाने लगे। लेकिन श्रेष्ठता के इस दंभ में हम इंसान प्राकृति के प्रति अपना दायित्व भुल गए। हम इंसान जब से इस पृथ्वी पर विकसित हुए हैं तभी से हम अपने निजी सुख और स्वार्थ के लिए प्रकृति का दोहन और अन्य जीवों का शोषण कर रहे हैं। हम अपने वंश वृद्धि के पृथ्वी के अन्य जीवों को लागातार नष्ट करते जा रहे हैं। इसलिए पिछले 200 सालों में पृथ्वी पर इंसानों की जनसंख्या काफी तेजी से बढ़ी है। आज हमारी जनसंख्या 7 अरब सबसे ज्यादा है। और एक अंतरराष्ट्रीय संस्था की रिपोर्ट के मुताबिक इंसान हर बर्ष करीब 70 अरब जीवों को मारकर खा जाता है। जबकि गरुड़ पुराण के अनुसार निर्दोष जीवों की हत्या करना भयंकर पाप है। श्रीमद्भगवद्गीता में भी मांसाहार को तामसी भोजन बताया गया है। भगवद्गीता में ये साफ लिखा है कि मांस खाने से मनुष्य के शरीर में रोग और दुःख उत्पन्न होगा। इसके बावजूद भी इंसान अपने इंद्रियों के सुख के लिए निर्दोष और बेजुबान जानवरों पर अत्याचार करता है। जिसकी वज़ह से पृथ्वी के अन्य जीवों का अस्तित्व मिटने के कगार पर है। अब आपमें से कई लोग नाकारात्मक कमेंट करेंगे इसलिए पहले ही बता देता हूं कि पहले मैं भी मांसाहारी था। लेकिन करीब पांच साल पहले मुझे ये ज्ञान हुआ तब से मैं पुर्णतः शाकाहारी हूं।  

 कोरोनावायरस का संक्रमण

अब जरा ध्यान से समझिए कोरोना वायरस परिवार जिन जानवरों के शरीर में रहता था। चीन में उन जानवरों को मारकर खाया जाता है। जिसके कारण धीरे-धीरे उन जानवरों की प्रजाति खत्म होती जा रही है। और उनके साथ साथ कोरोनावायरस का परिवार भी। अब शायद कोरोनावायरस को लगने लगा कि एक दिन इन जानवरों के साथ साथ उनकी प्रजाति भी खत्म हो जाएगी। इसलिए उसे अपना अस्तित्व बचाने के लिए इंसानों के शरीर मे घुसना पड़ा। अब इंसान के शरीर में घुसकर कोरोनावायरस अपने परिवार को ज्यादा से ज्यादा बढ़ाना चाहता है। जिसके लिए वह इंसान के प्रोटीन सेल्स और कोशिकाओं को अपना भोजन बनाता है। जिसके अभाव में इंसानी शरीर बिमार हो जाता है। वैसे एक बात तो साफ है कि अब कोरोना वायरस मनुष्य के शरीर में ही रहना चाहता है। लेकिन अभी वह काफी आक्रामक तरीके से मनुष्य के शरीर में जगह बनाने की कोशिश कर रहा है।

 प्रकृति का बदला है कोरोनावायरस

अब आप खुद सोचिए अगर आप कोरोना वायरस की जगह पर होते और कोई आपके घर को बार-बार नष्ट कर देता तो आप क्या करते। देखिए ऐसी बात नहीं है कि मुझे इस महामारी से प्रभावित हुए लोगों से सहानुभूति नहीं है। लेकिन जो सच्चाई है मैं वही बता रहा हूं। पिछले कुछ सालों में इस प्रकार की कई घटनाएं सामने आ चुकी है, जब जानवरों में पाए जाने वाले वायरसों ने इंसानी शरीर में घुसने की कोशिश की है। स्वाइन फ्लू ,बर्ड फ्लू ,ईबोला और कोरोना वायरस इसके ताजा उदाहरण है। आज सारी दुनिया के वैज्ञानिक इस महामारी की दवा बनाने में लगे हैं और शायद वे उसे बना भी लेंगे। लेकिन याद रखिए यह दवा केवल उन्हें रोक सकती हैं, इस समस्या को खत्म नहीं कर सकती। यह एक ऐसी समस्या है जिसके बस दो ही समाधान है जनसंख्या नियंत्रण और जीव हत्या पर रोक। अगर जल्द ही इस विषय पर सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया तो भविष्य में हमलोगों‌ को इससे भी भयानक खतरे का सामना करना पड़ सकता है। 
कोरोना वायरस का दुनिया पर सकारात्मक प्रभाव
लेकिन अभी हमारे पास इसके बारे में सोचने का वक्त नहीं है। अभी हमें मानव जाति को बचाने के लिए कोरोनावायरस को हर हाल में रोकना है और इसके लिए हमें अभी कुछ नहीं करना है कोई बहादुरी नहीं दिखानी है बस अपने-अपने घरों में रहना है। इस वायरस को रोकने का बस यही एकमात्र तरीका है। इसलिए हमारी आपसे विनती है कि कृपया लाॅकडाउन के नियमों का पालन करें।
 हमेशा स्वस्थ और फिट रहने के उपाय
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