जानिए मोटिवेशन का असली मतलब क्या होता है| Motivation in hindi

Motivation in hindi, Motivation ka matlab kya hota hai
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मोटिवेशन का मतलब क्या होता है, जानते हैं आप। दोस्तों आपलोग प्रतिदिन Motivational video देखते हैं। Motivational speech सुनते हैं और Motivational quotes भी पढ़ते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि Motivation होता क्या है। Motivation आता कहां से हैं और ये किस सिद्धांत पर काम करता है। अगर नहीं जानते तो आपको इसे जान लेनी चाहिए। क्योंकि इसे जाने बगैर आप चाहे कितना भी Motivational video देख लें लेकिन कोई फायदा होने वाला नहीं है। इसलिए आज हम इसी विषय पर बात करेंगे कि Motivation ka matlab kya hota hai.


 Motivation Ka matlab kya hota hai|what is self motivation


 Motivation का हिंदी अर्थ होता है अभिप्रेरणा अर्थात प्रेरित करना। लेकिन आमतौर पर इस शब्द को बहुत कम लोग इस्तेमाल करते हैं। क्योंकि मोटिवेशन वर्ड थोड़ा ज्यादा आसान लगता है। खैर यहां हम इसके शब्दों के mining के बारे में ज्यादा बात नहीं करेंगे क्योंकि इतना तो सबको पता है। हमे तो इसके सिद्धांतों को समझना है कि यह काम कैसे करता है। ताकि हम इसे अपनी लाइफ में सही जगह पर सही दिशा में यूज कर सके। देखिए generally लोग यहीं समझते हैं कि Motivational content देखने से हमारे अंदर मोटिवेशन आता है या कोई दूसरा हमें मोटिवेशन देता है लेकिन ऐसी बात बिल्कुल नहीं है। मोटिवेशन हमारे अंदर ही होता है जो हमारे जन्म के साथ ही natural रूप से activite हो जाता है। तब से हम जीवन में जो भी काम करते हैं उसके पीछे कोई ना कोई मोटिवेशन जरूर होता है। मोटिवेशन word motive से निकला है जिसका अर्थ होता है उद्देश्य।

जीवन में हम जो भी काम करते हैं उसके पीछे हमारा कोई उद्देश्य होता है। बिना उद्देश्य के हम जीवन में कोई काम नहीं करते। जैसे- हम भोजन करते हैं तो उसके पीछे हमारा उद्देश्य भुख होता है। पानी पीने के पीछे हमारा उद्देश्य होता है अपनी प्यास बुझाना। अब जरा ध्यान से समझना क्योंकि अब मैं इसके सिद्धांतों को अलग अलग करके समझा रहा हूं।


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motivation articles in hindi|What is the motivation theory?


देखिए मोटिवेशन का पहला सिद्धांत है ( need) जरूरत। जैसा कि हम जानते हैं कि हर इंसान की कुछ शारीरिक और मानसिक जरूरतें होती है।

  • शारीरिक जरूरतें जैसे- भोजन, कपड़ा, मकान, नींद, शौच और आराम इत्यादि।
  • मानसिक जरूरतें जैसे- पद, प्रतिष्ठा,पावर, सुख-सुविधा, सुरक्षा, प्यार प्रशंसा,वासना इत्यादि। 

जब किसी इंसान को इनमें से किसी की भी जरूरत या कमी महसूस होती है तो उसके अंदर मौजूद Motivation active हो जाता है। जिसके कारण उसके अंदर उस जरूरत को पूरा करने की इच्छा और तनाव उत्पन्न हो जाती है। यहां मोटिवेशन का दूसरा सिद्धांत (motive) उद्देश्य काम करने लगता है। जिसका हमने पहले भी जिक्र किया था। यहां उस व्यक्ति को एक उद्देश्य मिल जाता है कि मुझे अपनी इस जरूरत को पूरा करने के लिए इस स्तर तक या इस लक्ष्य तक पहुंचना है। मैं जब तक इस लक्ष्य तक नहीं पहुंच जाता मुझे संतुष्टि नहीं मिलेगी। फिर वह इस लक्ष्य तक पहुंचने की कोशिश करने में जुट जाता है। लेकिन जब उसके रास्ते में बार बार रूकावटें आने लगती है तो उसके अंदर का मोटिवेशन कम होने लगता है, उसकी गति धीमी होने लगती है। उसे लगने लगता है कि वह अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच पायेंगा। यहीं पर उसे external Motivation की जरूरत पड़ती है जो उसके internal Motivation को गति प्रदान कर सकें। जीवन के इस सफर में कई बार ऐसा मोड़ भी आता है जहां इंसान यह निश्चय करने में असमर्थ होता है कि उसने लिए कौन-सा रास्ता सही है। वह यह निर्णय नहीं ले पाता कि उसे किस रास्ते पर चलना चाहिए। इस दुविधा से निकलने के लिए उसे मोटिवेशन की जरूरत होती है। चुंकि मोटिवेशन तो उसके अंदर से ही मिलता है लेकिन उसे एक emotional support की जरूरत होती है। इसलिए उसे एक मार्गदर्शक की जरूरत महसूस होती है जो उसे सही रास्ता दिखा सके, उसके अंदर के विश्वास को जगा सकें।


World's first motivational speakers


आपको याद होगा जब रामायण में जामवंत जी हनुमान जी को माता सीता की खोज में लंका जाने को कहते हैं तो हनुमानजी उस अथाह सागर को देख कर डर जाते हैं। उन्हें लगता है कि वे शायद इस विशाल महासागर को पार नहीं कर पायेंगे।  तब जामवंत जी उनको motivate करते हैं, उन्हें उनकी शक्तियों की याद दिलाते हैं। यहां जामवंत जी की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि अगर वे नहीं होते तो हनुमान जी शायद लंका तक नहीं पहुंच पाते।


महाभारत युद्ध से पहले कुरूक्षेत्र के रणस्थल में दोनों सेनाओं के बीच खड़े अर्जुन जब अपने विपक्ष में अपने आदरणीय गुरूजनों और परिजनों को देखते हैं तो उनका मन शोक, विषाद और आत्मग्लानि से भर जाता है। वे धर्म-अधर्म उचित-अनुचित के बीच खड़े असमंजस में पड़ जाते हैं। उनके समक्ष धर्मसंकट उत्पन्न हो जाता है। इस कठिन घड़ी में भगवान श्रीकृष्ण उन्हें भगवद्गीता का ज्ञान देकर उन्हें युद्ध करते के लिए प्रेरित करते हैं।



why need motivation|Why is motivation so important?


इसी प्रकार हमारे जीवन में भी अनेकों बार मोटिवेशन की जरूरत पड़ती है। लेकिन ऐसा नहीं है कि केवल Motivational speaker, Motivational video अथवा Motivational qoutes ही हमें मोटीवेट कर सकते हैं। हमारे मां बाप, भाई बहन, दोस्त रिश्तेदार,शिक्षक या कोई भी अनुभवी व्यक्ति हमे मोटिवेशन दे सकता है। अपने कम marks से निराश बेटे से जब उसका पिता कहता है कि कोई बात नही अगली बार और मेहनत करना। तो यह भी एक मोटिवेशन हैं। एक दोस्त अपने दोस्त से कहता है कि तू डरना मत मैं तुम्हारे साथ हूं। यह भी एक मोटिवेशन है। उसी प्रकार हमारे जीवन की कोई भी विशेष परिस्थिति अथवा कोई विशेष घटना हमे मोटिवेट कर सकती है। लेकिन यहां सबसे इम्पोर्टेंट बात यह है कि उसके लिए हमारे पास खुद का कोई motove होना चाहिए, कोई goal होना चाहिए। क्योंकि अगर हमारे पास कोई goal नहीं है तो फिर Motivational video देखने का और Motivational speech सुनने का कोई भी लाभ नहीं है। तो दोस्तों उम्मीद है आप समझ गए होंगे कि मोटिवेशन क्या होता है


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हमारा युटयूब वीडियो देखें: 👇Motivation video in hindi


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