self confidence kaise badhaye | Self confidence बढ़ाने में 5 आसान तरीके

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Self confidence एक ऐसी शक्ति है जो आपको जीवन के हर चुनौती का सामना करने का हौसला देती है। और चाहे आप कितने भी telented हो, चाहे आप शारीरिक रूप से कितने भी strong हो लेकिन अगर आपके अंदर कॉन्फिडेंस नहीं है तो आपके लिए जीवन के किसी भी क्षेत्र में success हासिल करना impossible है । वो चाहे कैरियर हो जाॅब हो, बिजनेस हो या रिलेशनशिप हो। life के किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए आपके अंदर कॉन्फिडेंस होना बहुत ही जरूरी है। सेल्फ कॉन्फिडेंस का मतलब है, "खुद पर विश्वास" और यदि आपको खुद पर विश्वास नहीं है तो आपके अंदर वह attitude आ ही नहीं सकता जो आपको एक काबिल इंसान बना सकता है। तो दोस्तों यदि आपके अंदर भी कॉन्फिडेंस की कमी है तो चिंता मत किजिए क्योंकि आज हम आपको self confidence increase करने के लिए 5 simple तरीके बताने वाले हैं। जिनको follow करके आप अपने self confidence को boost कर सकते हैं।

self-confidence बढाने के 5 सबसे आसान तरीके 


सबसे पहले अपने ड्रेसिंग सेंस पर ध्यान दें।


दोस्तों आपने इस बात को खुद महसूस किया होगा कि जब आप किसी खास मौके पर अपने फेवरेट ड्रेसेज में होते हैं तो आपके अंदर से कितनी अच्छी feeling आती है और कैसे आपका कांफिडेंस लेबल बढ़ जाता है। और जब आप गंदे और बेतरतीब कपड़ों में होते हैं तो आप खुद फ्रेश महसूस नहीं करते तथा आपके मन और मस्तिष्क में नकरात्मक विचार उत्पन्न होते हैं। वहीं जब आप साफ-सुथरे और अच्छे कपड़े पहनते हैं तो आपका attitude देखने लायक होता है। तो अगर अपना कांफिडेंस लेबल बढ़ाना चाहते हैं तो आज से ही आप अपने हर पल को खास बनाईए और हमेशा साफ सुथरे और अच्छे ड्रेसेज में रहने का प्रयास किजिए। क्योंकि आप माने या ना माने लेकिन आपके ड्रेसिंग सेंस का सीधा इफेक्ट आपके कांफिडेंस पड़ता है। आप खुद analysis कीजिए की आपको अपने आस-पास कैसे लोग  कांफिडेंस से भरे नजर आते है, अच्छे कपड़ों में रहने वाले या बेतरतीब कपड़ों में रहने वाले। अब यहां एक और बात साफ करना जरूरी है कि अच्छे ड्रेसिंग सेंस का मतलब महंगे और फैशनेबल कपड़ों से नहीं है बल्कि साफ सुथरे और सुटेबल कपड़ों से हैं इसलिए आप हमारी बातों का गलत मतलब मत निकाल लेना।


बाॅडी लौंग्वेज को improve करें


एक बार हम रेडियो पर क्रिकेट कमेंट्री सुन रहे थे। कमेंटेटर विनीत गर्ग बोल रहे थे।

महेंद्र सिंह धोनी के आउट होने के बाद नये बल्लेबाज क्रीज पर आए हैं लेकिन इनके बाडी लैंग्वेज से यह साफ पता चल रहा है कि इनके अंदर कांफिडेंस की कमी है इसलिए हमें नहीं लगता कि ये क्रीज पर ज्यादा देर तक टिक पाएंगे। और सचमुच उसी ओभर में वह बल्लेबाज शुन्य पर आउट हो गया। तो हमारे कहने का अर्थ यह है कि आपके सेल्फ कॉन्फिडेंस का लेबल आपके body language को फोलो करता है अर्थात आपका बाडी आपके मस्तिष्क को जैसे संकेत देता है आपका मस्तिष्क वैसे ही हार्मोंस रिलीज करता है। जैसे- आप हंसते हैं तो खुशी वाले हार्मोन रिलीज करता है और जब आप रोते हैं तो निराशा वाले हार्मोन रिलीज करता है। यदि आप प्रतिदिन व्यायाम करते हैं तो इस बात ज्यादा बेहतर तरीके से समझ सकते हैं। आपने अनुभव किया होगा कि व्यायाम करने से पहले आपके शरीर में सुस्ती और आलस होती है परंतु व्यायाम करने के बाद आप चुस्त और एनर्जीक महसूस करते हैं। इससेे पता चलता है कि आपके आत्मविश्वास और बाडी लैंग्वेज में कितना गहरा संबंध है। इसलिए अपने सेल्फ कांफिडेंस बढ़ाने के लिए आपको अपना बाडी लैंग्वेज सुधारना होगा। बाडी लैंग्वेज में सुधार करना काफी आसान है। आप इसे अपने आसपास के successful लोगों के बाडी लैंग्वेज को देखकर सीख सकते हैं। आपने देखा होगा कि low confidenc वाले लोग किसी मरियल की तरह कंधे झुका कर चलते हैं, कमर झुका कर बैठते हैं और किसी से बात करते वक्त नजरें चुराते हैं। यह एक गलत बाडी लैंग्वेज है। इसलिए आपको इस बात का ध्यान रखना होगा कि  चलते हुए, बैठे हुए या स्टैंड पोजिशन आपके कंधे और कमर बिल्कुल सीधी होनी चाहिए। किसी से बात करते वक्त हाथ पैर हिलाने या इधर-उधर देखने के बजाय आई कोन्टैक्ट बनाएं रखना चाहिए। किसी से बात करते वक्त दबी जुबान में बात करने के बजाय खुल कर बात करनी चाहिए। परिस्थितियां चाहे  आपके अनुकूल हो या प्रतिकूल। परंतु मन को शांत और स्थिर रखें, नर्वस ना हो। हर परिस्थिति में सकारात्मक दृष्टिकोण बनाांए रखें।


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अपनी क्षमताएं और योग्यताएं बढ़ाएं


ऐसा नहीं है कि केवल सेल्फ कांफिडेंस की बातें करने से आपका आत्मविश्वास बढ जायेगा। इसके लिए आपको अपने skills को develop करके खुद को योग्य बनाना होगा। ताकि आपके अंदर self confidence build हो सके । जैसे मान लीजिए दुसरो को नदी पार करते देख कर आप भी कांफिडेंस से सोचते हैं कि yes मैं भी इसे पार कर सकता हूं। किंतु अगर आपको तैरना नहीं आता तो आपका यह कांफिडेंस कुछ नहीं कर पाऐगा। इसके लिए आपको तैराकी सीखनी पड़ेगी। कहने का तात्पर्य यह है कि आपको सबसे पहले खुद को योग्य और काबिल बनाना होगा। इसके लिए आप अपने प्रतिभा और इच्छा अनुसार अपने skills का चुनाव सकते हैं। जैसे, बाडी बिल्डिंग करना, दौड़ में तेज बनना, पढ़ाई में अव्वल रहना, तैराकी सीखना, किसी खास स्पोर्ट्स में कुशलता हासिल करना या किसी खास skills में एक्सपर्ट बनना। जब आप किसी खास skills के एक्सपर्ट बन जाते हैं तो आपके अंदर एक अलग ही कांफिडेंस और एटीट्यूड नजर आता है।

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अपने अंदर के डर को हराएं


Low confidenc वाले लोगों को लगभग हर काम में डर लगता है। किसी को बिजनेस में risk लेने से डर लगता है, किसी को लोगों के सामने अपनी बात रखने में डर लगता है, किसी को लड़ाई-झगडे से डर लगता है तो किसी को असफलता से डर लगता है। लेकिन यदि आप अपने सेल्फ कांफिडेंस को बढाना चाहते हैं तो आपको अपने डर को हराना होगा। और इसके लिए आपको बार बार उसी काम को करना होगा। जिससे आपको डर लगता है। अगर आपको स्टुडेंट है और आपको क्लास टीचर से सवाल पूछने में डर लगता है तो ज्यादा मत सोचें हिम्मत करके खड़े हो क्योंकि यदि आप आज डर गये तो जीवन भर डरपोक ही बने रहेंगे। यदि आपको डूबने से भय लगता है तो जबरदस्ती पानी में उतरे और किसी प्रकार तैराकी सीख लें। आपको बता दें कि पहले हमें भुत-प्रेतों से बहुत डर लगता था इसलिए हमने प्रयोग के तौर पर अपने इस डर को जीतने के लिए एक बार पुरी रात अकेले शमशान में बिताया था। जिसकी वजह से मेरे अंदर इतना कांफिडेंस आया है मैं कि आधी रात को कहीं भी जा सकता हूं। वैसे इस काम के लिए काफी हिम्मत चाहिए लेकिन आपको यह भी याद रखना होगा कि किसी भी इंसान में हिम्मत की कमी नहीं होती परंतु आपका डर आपके हिम्मत को दबा कर रखता है। और जैसे-जैसे आप अपने डर को जीतते जाते है, वैसे-वैसे आपकी हिम्मत बढ़ती जाती है। और अंत में आपको एहसास होता है कि डर नाम की कोई चीज होती ही नहीं है।


 आत्मनिर्भर बनें

जब तक आप दुसरो पर निर्भर रहते हैं तब तक आपका सेल्फ कांफिडेंस हाई लेबल तक नहीं पहुंच सकता क्योंकि आपके अंदर कहीं ना कहीं ये दुविधा रहती है कि मैं इस काम को अकेला कर पाऊंगा या नहीं। इसलिए यदि आप अपने कांफिडेंस को हाई लेबल तक पहुंचाना चाहते हैं तो आत्मनिर्भर बनें और अपने सभी काम खुद करना सीखें। जैसे- अपने कपड़े खुद धोना, अपने कपड़े खुद आयरन करना, खाना बनाना और घर के छोटे-मोटे काम खुद करना। जिसके लिए आपको किसी की सहायता लेनी पड़ती हो। हालांकि ये भी हो सकता है कि कुछ काम आपसे ना हो पाए। लेकिन आप हिम्मत ना हारें। Google और YouTube से उसके बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी हासिल करें और जो नहीं आता उसे सीखें। यानी अपने जीवन के आलराउंडर बनें। शायद कुछ लोग इसे कंजुसी कहेंगे लेकिन हम पुरे विश्वास के साथ कह सकते हैं कि इस प्रयोग को करने के बाद आपका कांफिडेंस लेबल इतना बढ़ जाएगा कि आप खुद कहेंगे कि मेरे अंदर इतनी क्षमता है कि मैं जीवन के मुश्किल से मुश्किल परिस्थितियों से अकेला ही निपट सकता हूं। 


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दोस्तों आखिर में हम आपसे एक और बात कहना चाहेंगे कि आपका आत्मविश्वास इस बात पर निर्भर नहीं होना चाहिए कि आपकी आर्थिक स्थिति कैसी है। आप शिक्षित है या अशिक्षित है। आप गोरे है या काले है।आप लंबे हैं या नाटे हैं। आपका कांफिडेंस आपकी अपनी संपत्ति है इसलिए आप इसमें अपना effort लगा कर इसे जितना चाहे उतना बढा सकते हैं। और यदि आपके पास यह संपत्ति है तो आप दुनिया की किसी भी चीज को हासिल कर सकते हैं।


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