10 सबसे जरूरी बातें, जो किशोरों और युवाओं को जीवन में हमेशा याद रखना चाहिए

10 most important thing for success in life |best motivational thoughts in hindi for students

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16 से 25 के बीच की उम्र वह उम्र होती है। जिसमें हमारे संपूर्ण जीवन की पृष्ठभूमि तैयार होती है। यहीं वह उम्र होती है जिसमें हम नई-नई चीजें सीखते हैं। हमारे अंदर नई-नई आदतें विकसित होती है। इस उम्र में हम जो सोचते हैं और जो करते हैं। इसी बात से यह तय हो जाती है कि हमारी जिंदगी कैसी होने वाली है। हम जीवन में सफलता की ऊंचाइयों को छुयेंगें या असफलता की गहरी खाइयों में गिरेंगे। हमारा भविष्य अमीरी की चमक से रौशन होगा या हम गरीबीं के अंधियारों में रोते रहेंगे। तो दोस्तों आइए हम जानते हैं कि वो 10 बाते कौन-कौन सी हैं जो किशोरों और युवाओं को जीवन में सफलता के लिए हमेशा याद रखना चाहिए।

 10 most important things for success in life

  1. अपने जीवन का एक लक्ष्य बनाओ।
आपकी जिंदगी का लक्ष्य क्या है?
इस सवाल को मैंने सैकड़ों युवाओं से पूछा है। और जब मैं उनका जवाब सुनता हूं
तो मुझे बहुत दुख होता हैं। उनमें से 90% लोगों का बस यहीं जवाब होता है कि लक्ष्य क्या है। बस कोई अच्छी सी जाॅब मिल जाए। जिसमें अच्छी-खासी सैलरी हो। और जिंदगी आराम से कट जायेगी। इसमें कोई और आराम। ये दोनों शब्द मुझे बिल्कुल पसंद नहीं है। क्योंकि एक हमारे जीवन में भटकाव लाता है तो दूसरा हमे आगे बढ़ने से रोकता है। यहीं वे मनहूस शब्द है। जो हमारी जिंदगी को बर्बाद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। इसलिए आपका जवाब यह बिल्कुल नहीं होना चाहिए। बल्कि आपका जवाब यह होना चाहिए कि यह मेरी जिंदगी का लक्ष्य है और मैं किसी भी हाल में इसे हासिल करूंगा। सीधे शब्दों में कहें तो आपकी जिंदगी का कोई ना कोई लक्ष्य जरूर होना चाहिए। 

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2. समय की इज्ज़त करों।

समय इस दुनिया की सबसे कीमती चीज है। जो हम सब को मुफ्त में मिलती है। लेकिन दिक्कत यह है कि अगर ये एक बार चला जाए तो दुबारा लौटकर वापस नहीं आता। मगर अफ़सोस कि आजकल के युवा अपना अधिकतर समय सोशल मीडिया और प्यार मोहब्बत जैसी फालतू की चीजों में बर्बाद कर देते हैं। और जब समय बीत जाता है तो बैठ कर पछताते हैं। याद रखें अगर आपको अपने सपनों को हकीकत में बदलना है तो सबसे पहले आपको समय का सही तरीके से उपयोग करना सीखना होगा। अगर आप समय का सदुपयोग करें तो यह आपका भविष्य संवार सकता है परंतु यदि आप समय का दुरूपयोग करेंगे तो यहीं समय आपका भविष्य बर्बाद भी कर सकता है।

3. आलस छोड़ो और मेहनत करो।

आलस एक ऐसा रोग है। जो इंसान के तन-मन और धन तीनों का सर्वनाश कर देता है। आलस का शिकार व्यक्ति अनेकों प्रकार के रोगों की चपेट में आ जाता है। आलसी व्यक्ति का मन हमेशा नकारात्मकता से घिरा रहता है। आलस का शिकार व्यक्ति कर्तव्यविमुढ आरामतलबी और कामचोर बन जाता है इसलिए वह मेहनत करने से कतराता है। किशोर और युवा वर्ग के लिए तो आलस एक अभिशाप सिद्ध होता है। क्योंकि वे आलसपन के कारण अपने कामों को टालते हैं या फिर देरी से करते हैं। वे कभी सर्दी के मौसम में ठंड का बहाना बना कर तो कभी गर्मी के मौसम में गर्मी का बहाना बना कर अपना काम टालते रहते हैं। वह कभी नींद का तो कभी खराब मूड़ का बहाना करके अपने काम से भागने रहता हैं। जिसके परिणामस्वरूप वह पढ़ाई में पिछड़ जाता है। परीक्षा अथवा कैरियर में असफल भी हो जाता है। अतः हमें आलस को त्याग कर मेहनती बनना चाहिए।


4. हर पल सीखते रहो।

इस दुनिया में इतना कुछ है सीखने के लिए, समझने के लिए और जानने के लिए कि यदि हम जीवन भर पढ़ते और सीखते रहें तो भी सब-कुछ जान नहीं पाएंगे। क्योंकि जीवन परिवर्तनशील है। यहां हर दिन, हर पल नई-नई चीजें सामने आती रहती है। अतः कभी भी यह समझ कर ना बैठें कि आपने सब-कुछ सीख लिया है। वरना आप जीवन में औरों से पीछे छुट जाएंगे। यदि आपको शिक्षा और तकनीक के क्रांति के दौर में जीवन में क़ामयाब होना है तो हमेशा अपडेटेड रहिए। हर पल नई-नई बातें सीखते रहिए और नए परिवर्तन को अपनाते हुए आगे बढ़ते रहिए।

5. आमदनी से कम खर्च करो।

प्रतिस्पर्धा और महंगाई के इस दौर में पैसे की अहमियत वहीं व्यक्ति जानता होगा। जिसके पास इसकी कमी है। और इसमें कोई दो राय नहीं है कि दुनिया की आधी आबादी गरीबी और आर्थिक तंगी से जूझ रही है। मगर कुछ नासमझ लोगों की आदत होती है कि पैसा हाथ में आते हुए उन्हें खुजली होने लगती है। और जब तक वे हाथ में आई पूरी राशि को खर्च नहीं कर देते तब तक उनकी खुजली दूर नहीं होती। युवावस्था में मैं भी ऐसा ही था। परंतु आज जब मैं पीछे मुड़ कर देखता हूं तो पैसों की अहमियत समझ आती है। काश ये बातें मुझे पहले समझ आ जाती तो मैं अपने मां-बाप के पसीने की कमाई गैरजरूरी चीजों पर बर्बाद नहीं करता। बहरहाल मैं तो इस बात को समझ गया हूं और ये जरूरी है कि आप भी पैसे की अहमियत को समझें। और हां मुझे पता है कि पैसा खर्च करने के लिए ही कमाया जाता है। लेकिन मैं उस पैसे की बात नहीं कर रहा। जो आप अपने या अपने परिवार की जरूरतों पर खर्च करते हैं। मैं आपको कंजूस या मक्खीचूस होने के लिए नहीं कह रहा हूं। मैं तो उन पैसों की बात कर रहा हूं। जो आप गैरजरूरी चीजों पर लुटा देते हैं। हो सकता है कि आप बहुत अमीर हो। आपके पास पैसों की कोई कमी ना हो परंतु एक हकीकत ये भी है कि वक्त का कोई भरोसा नहीं। यह कभी भी बदल सकता है। इसलिए जरूरी है कि आप अपने खर्चों का समय-समय पर विश्लेषण करें और गैर-जरूरी खर्चों को बंद कर दें। वैसे अगर आपके पास ज्यादा पैसा है तो कुछ अच्छें कामों पर भी खर्च कर सकते हैं या शेयर बाजार में इन्वेस्ट भी कर सकते हैं।


6. अच्छे लोगों की संगति में रहो

कहते हैं कि किसी व्यक्ति का व्यक्तित्व क्रमश: उन पांच लोगों के व्यक्तित्व का मिश्रण होता है। जिनसे साथ वह अपना अधिकांश समय व्यतीत करता है। अर्थात हमारे विचार व्यवहार और चरित्र वैसे ही होते हैं। जैसे लोगों के की संगति में हम रहते हैं। आप चाहे इस बात को माने या ना माने। परंतु यह सच है। लॉ ऑफ अट्रैक्शन का सिद्धांत यहां भी काम करता है और मैंने स्वयं इस बात को अनुभव किया है। इसलिए मैं यह बात दावे के साथ कह सकता हूं कि अच्छी संगत का हमारे ऊपर अच्छा प्रभाव पड़ता है और बुरे संगत का बुरा प्रभाव पड़ता है। आपने देखा होगा फल बेचने वाले लोग सड़े हुए सेबों को बाकी अच्छे सेबों से अलग कर देते हैं क्योंकि एक सड़  हुआ सेब सारे सेबों को खराब कर सकता है। तो अगर आप हमारी बात समझ गए तो अच्छे लोगों की संगत में रहो क्योंकि सुनार का कचरा भी बनिये के बादाम से महँगा होता है।


7. रिस्क लेने से पीछे मत हटो 

कहते हैं कि जिंदगी हर लूजर को विनर बनने का मौका जरूर देती है। यानी हमारी जिंदगी में कई बार ऐसे मौके आते हैं जब हम अपनी जिंदगी को बदल सकते हैं।। हमारे एक कदम से हमारी किस्मत बदलने वाली होती है। सफलता और खुशहाली की नाव हमारे कदमों से चंद दूरी पर होती है। परंतु पर हम किसी अनजाने भय और आशंका से भयभीत होकर जोखिम लेने से पीछे हट जाते हैं और उस अवसर के निकल जाने के बाद में हमें यह एहसास होता है कि काश हम उस समय सही निर्णय ले पाते। यह बात अक्सर हम सभी के साथ होता है। हमने भी अपने जीवन में ऐसे कई अवसर गंवाएं है। जिसका मुझे आज भी अफसोस होता है। "पता नहीं क्या होगा" इस भय और उलझन के कारण हम जोखिम उठा नहीं पाते। हम वहीं के वहीं रह जाते हैं और कोई दूसरा उस अवसर का लाभ उठा लेता है। एक बात हमेशा याद रखे, किसी काम को ना करके पछताने से कहीं बेहतर है। उस काम को करके पछताना। क्योंकि यदि उस काम को करके हमें सफलता ना भी मिली तो तजुर्बा जरूर मिलेगा। और तजुर्बा भी सफलता से कम कीमती‌ नही होता। तो जीवन में कभी भी रिस्क लेने से पीछे मत हटो।

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8. चुनौतियों का सामना करो

आप चाहे अमीर हो या चाहे गरीब हो, चाहे बच्चे या या वृद्ध हो। आज इस दुनिया की कड़वी सच्चाई जान लें। जीवन एक संघर्ष है। यहां सफलता की बात छोड़िए। आपको यहां रहना है तो हर पल संघर्ष करना होगा। आपको हर पल संघर्ष करना होगा, पेट भरने के लिए, जीने के लिए और अपने वजूद के लिए। इस दुनिया में हर पल, हर जगह चुनौती है और यदि आपको यहां रहना है तो आपके पास सिर्फ दो विकल्प हैं। आप या तो इसे बहादुर योद्धा की तरह इस चुनौती को स्वीकार करें या कायरों की तरह दुनिया छोड़ दें। फैसला आपके हाथ में है। लेकिन एक बात हमेशा याद रखें यदि आप आज चुनौतियों के आगे हार गए तो सारी जिंदगी इसके सामने घुट-घुटकर जीना होगा क्योंकि जीवन में चुनौतियां तो कभी खत्म नहीं होगी। तो जब दोनों ही स्थितियों में लड़ना ही है तो क्यों ना लड़ कर मरें। हारे तो वीरगति मिलेगी और जीतें तो सर पर ताज सजेंगा।



9. एक टाईम में एक ही जगह फोकस रखो।

आजकल के युवावर्ग में धैर्य और फोकस की बहुत ही ज्यादा कमी है। वे किसी भी एक विषय अथवा काम पर लंबे समय तक टिक ही नहीं पाते। यहीं कारण है कि उन्हें कई बार अपनी पढ़ाई, कैरियर और जाॅब में असफलता का मुंह देखना पड़ता है।
 2010 में आई हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की एक स्टडी बताती है कि एक सामान्य व्यक्ति का दिमाग औसतन 47% समय भटकता रहता है। कोई काम करते वक्त, पढ़ाई के समय या भोजन करते हुए भी हम दूसरी चीजों के बारे में सोच रहे होते हैं। हम होते कहीं और है और हमारा ध्यान कहीं और ही होता है। यूं कहें की हम बेहोशी का हालत में जी रहे होते हैं। हमारा मन किसी एक चीज पर ठहरता ही नहीं। इसी मन के साथ हजारों-लाखों लोग सफलता के लिए प्रयत्न करते हैं। परन्तु सफलता उन्ही लोगों को मिल पाती है। जिनका मन स्थिर और एकाग्रचित्त होता है। सफलता केवल उन्हीं को मिलती है जो इधर-उधर भटकने के बजाय किसी एक काम पर फोकस करते हैं। तो यदि आपको किसी काम में सफलता प्राप्त करनी है तो आपको केवल उसी काम पर फोकस करना होगा। यदि आपके अंदर फोकस की कमी है तो आप ध्यान और मेडिटेशन करके उसे बढ़
सकते हैं।


10. नशे से दूर रहो।

नशा आजकल युवाओं की बर्बादी का सबसे बड़ा कारण बनता जा रहा है। जब हम किशोरों और युवाओं को गोलीयों और चौराहों पर सिगरेट, गुटखा इत्यादि का सेवन करते हुए देखते हैं तो हमारे मन मन दुःख, करूणा और क्रोध के भाव एक साथ आते हैं। ये कैसी नादानी और मूर्खता है। जो ये लोग जानबूझकर अपने हाथों ही अपना जीवन बर्बाद करने में लगे हैं। शायद वे इस बात से अनभिज्ञ होते हैं कि नशा उनके मन मन और धन को अंदर ही अंदर तबाह कर रहा है। दोस्तों नशा एक ऐसा दलदल है जिसमें अगर कोई एक बार उतर गया वह उसमें धंसता ही चला जाता है। नशा करने वाले एक व्यक्ति के साथ उसका परिवार भी उसका संताप भोगता है और उसका खुद का जीवन बरबाद हो जाता है। इसलिए ना शौक के लिए,ना दोस्तों की बात रखने के लिए, और ना ही किसी तनाव या बेवफा प्यार को भुलाने के लिए, किसी भी हाल में नशा ना करें। आपका जीवन इन सब चीजों से कीमती है। आप इसे इन छोटी-मोटी चीज़ों के लिए बर्बाद नहीं कर सकते।


दोस्तों यहीं वो 10 बातें हैं जो हम आपलोगों से बताना चाहते थे। आशा करता हूं कि आप इनमें से कोई ना कोई बात जरूर अपनाएंगे। हम आपकी सफलता और बेहतर जीवन के लिए कामना करते हैं।
धन्यवाद

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