national youth day | पढ़िए स्वामी विवेकानंद जी के 50 प्रेरणादायक विचार

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स्वामी विवेकानंद जयंती

दोस्तों कल या 12 जनवरी को भारतीय सनातन धर्म और वेदान्त के विख्यात अध्यात्मिक गुरु और युवाओं के प्रेरणास्त्रोत स्वामी विवेकानंद का जन्म दिवस है। स्वामी विवेकानंद एक महान देशभक्त, संन्यासी और दिव्य महापुरुष थे। उन्होंने 1893 में शिकागो में हुए विश्व धर्म महासभा में भारत का प्रतिनिधित्व किया और पुरे विश्व में सनातन धर्म का प्रचार किया। स्वामी विवेकानंद ने अपने अद्भुत वाक् कला और महान विचारों के दम पर भारत को विश्वगुरु बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने अपने प्रभावशाली विचारों और जोशीले भाषण से हमेशा ही युवाओं को जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। प्रगतिशील भारत के धर्म दर्शन में उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए उनके जन्मदिन को स्वामी विवेकानंद जयंती और राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर हमें आपके साथ स्वामी विवेकानंद के 50 ऐसे प्रभावशाली और प्रेरणादायक विचार शेयर करने जा रहे हैं। जो आपके अंदर जोश और जुनून भर देंगे।

स्वामी विवेकानंद भाषण (swami vivekananda speech)

 "अमेरिका के मेरे भाइयों और बहनों"

 मुझे गर्व है कि मैं एक ऐसे देश से हूं, जिसने इस धरती के सभी देशों और धर्मों के सताए लोगों को शरण में रखा है।

 मैं आपको अपने देश की प्राचीन संत परंपरा की तरफ से धन्यवाद देता हूं। मैं आपको सभी धर्मों की जननी की तरफ से भी धन्यवाद देता हूं और सभी जाति, संप्रदाय के लाखों, करोड़ों हिंदुओं की तरफ से आभार व्यक्त करता हूं।

(स्वामी विवेकानंद शिकागो भाषण के कुछ अंश)


            स्वामी विवेकानंद के अनमोल विचार

 (swami vivekananda thought)

  •  जब तक आप खुद पर विश्वास नहीं करते, तब तक आप ईश्वर पर भी विश्वास नहीं कर सकते।
  •  कभी मत कहो कि ‘मैं यह नहीं कर सकता, बल्कि यह कहो कि मैं सब कुछ भी कर सकता हूं।
  • उठो, जागो, चलो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य पूरा ना हो जाए।
  • एक रास्ता खोजो। उस पर विचार करो। उस विचार को अपना जीवन बना लो और हमेशा उसी के बारे में सोचो। उसी का सपना देखो और उसी विचार को जियो। मस्तिष्क में किसी अन्य विचार को जगह मत दो। सफलता का बस यही मुल मंत्र है।
  • कभी भी जोखिम लेने से भयभीत न हो क्योंकि यदि आप जीतते हैं, तो आप नेतृत्व करते है, और यदि हारते है तो आप दुसरो का मार्दर्शन कर सकते हैं।
  •  स्वयं को कमजोर समझना, सबसे बड़ा पाप है।
  • शक्ति जीवन है और निर्बलता मृत्यु है। विस्तार जीवन है और संकुचन मृत्यु है। प्रेम जीवन है और द्वेष मृत्यु है।
  • अपने इरादों को मज़बूत रखो। लोग जो कहें उन्हें कहने दो। उनकी बातों पर ध्यान मत दो। देखना एक दिन वही लोग तुम्हारा गुणगान करेंगे।
  •  आपको कोई और नहीं सिखा सकता, कोई और आपको आध्यात्मिक नहीं बना सकता। शिक्षक कोई दूसरा नहीं बल्कि स्वयं आपकी आत्मा है।
  • यदि हम ईश्वर को अपने हृदय में और प्रत्येक जीवित प्राणी में नहीं देख सकते, तो हम खोजने कहां जा सकते हैं।
  •  किस्मत पर भरोसा करने वाले लोग कायर होते हैं। वीर पुरुष तो अपनी किस्मत स्वयं बनाते है।
  • दुनिया एक महान व्यायामशाला है जहां हम खुद को मजबूत बनाने के लिए आते हैं।
  • जिस क्षण से मैंने प्रत्येक मानव शरीर के मंदिर में भगवान को बैठे हुए महसूस किया है, उस क्षण से मैं प्रत्येक मनुष्य के सामने श्रद्धा से खड़ा हूं और उसमें भगवान को देख रहा हूं। ‌‌
  • हम जैसा सोचते हैं बाहर की दुनिया बिलकुल वैसी ही है, हमारे विचार ही चीजों को सुंदर और बदसूरत बनाते हैं। सम्पूर्ण संसार हमारे अंदर समाया हुआ है, बस जरूरत है तो चीजों को सही रोशनी में रखकर देखने की।
  • ब्रह्मांड की सभी शक्तियां हमारे अंदर मौजूद हैं। यह हम ही हैं जिन्होंने अपनी आंखों के सामने हाथ रखा है और रोते हुए कहते हैं कि बहुत अंधेरा है।
  • अनुभव ही आपका सर्वश्रेष्ठ शिक्षक है। जब तक जीवन है सीखते रहो।
  • कुछ भी ऐसा जो आपको शारीरिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक रूप से कमजोर बनता हो, उसे विष तुल्य मानकर उनका त्याग कर देना चाहियें।
  • समय का पाबंद होना, लोगों पर आपके विश्वास को बढ़ाता है।
  • धन्य हैं वह लोग जिनके शरीर दूसरों की सेवा करने में नष्ट हो जाते हैं।
  • जब कोई विचार स्थायी रूप से हमारे मन पर कब्जा कर लेता है, तो यह एक दिन हमारे वास्तविक, भौतिक या मानसिक स्थिति में बदल जाता है।
  • पवित्रता, धैर्य और दृढ़ता, यह तीनों सफलता के लिए परम आवश्यक हैं।
  • महान कार्य के लिए महान त्याग करने पड़ते हैं।
  • यह कभी मत सोचो कि आत्मा के लिए कुछ भी असंभव है। ऐसा सोचना सबसे बड़ा अधर्म है। यदि पाप है तो है यह कहना कि आप कमजोर हैं।
  • हमारा कर्तव्य है कि हम सभी को अपने उच्चतम विचार को जीने के लिए संघर्ष करने के लिए प्रोत्साहित करें, और साथ ही आदर्श को सत्य के जितना संभव हो सके बनाने के लिए प्रयास करें।
  • मैंने भगवान से शक्ति मांगी उसने मुझे मुश्किल हालात में डाल दिया।
  • बार-बार भगवान का नाम लेने से कोई धार्मिक नहीं हो जाता। धार्मिक वहीं होता है जो व्यक्ति सत्यकर्म करता है।
  • जब आप व्यस्त होते हैं तो सब कुछ आसान सा लगता है परन्तु आलसी होने पर कुछ भी आसान नहीं लगता है।
  • सच्चाई के लिए सब कुछ छोड़ देना चाहए परंतु किसी के लिए भी सच्चाई नहीं छोड़ना चाहिए।
  • जब लोग तुम्हे गाली दें तो तुम उन्हें आशीर्वाद दो। सोचो कि वे तुम्हारे झूठे दंभ को बाहर निकालकर तुम्हारी कितनी मदद कर रहे हैं।
  • बड़े लक्ष्य की प्राप्ति के लिए, कभी भी ऊंची छलांग मत लगाओ। अपने पैर ज़मीन बनाये रखो और धीरे-धीरे आगे बढ़ते रहो।
  • संघर्ष जितना कठिन होगा, जीत उतनी ही शानदार होगी।
  • यदि आप मुझको पसंद करते हो तो, मैं आपके दिल में हूँ और यदि आप मुझसे नफरत करते हो तो मैं आपके मन में हूँ।
  • यदि आपके मार्ग में कोई समस्या नहीं आ रही तो आप एक बार यह सुनिश्चित कर लें कि कहीं आप गलत रास्ते पर तो नहीं जा रहे हैं।
  • दिन में कम से कम एक बार खुद से जरूर बात करें अन्यथा आप एक उत्कृष्ट व्यक्ति के साथ एक बैठक गँवा देंगे।
  • मनुष्य की सेवा ही भगवान की सेवा है।
  • जो व्यक्ति गरीबों और असहाय के लिए रोता है, वही महान आत्मा है।
  • चिंतन करो, चिंता नहीं।
  • संभव की सीमा को जानने का सबसे उत्तम तरीका है असंभव की सीमा से आगे निकल जाना।
  • हजारों ठोकरें खाने के बाद ही एक अच्छे चरित्र का निर्माण होता है।
  • एक समय में एक काम करो और ऐसा करते समय अपनी पूरी आत्मा उसमे डाल दो और बाकि सब कुछ भूल जाओ।
  • पहले हर अच्छी बात का मजाक बनता है फिर विरोध होता है और फिर उसे स्वीकार लिया जाता है।
  • सत्य को हजार तरीकों से बताया जा सकता है, फिर भी वह एक सत्य ही होगा।
  • हम जो बोते हैं वो काटते हैं। हम स्वयं अपने भाग्य के निर्माता हैं।
  •  बाहरी स्वभाव केवल अंदरुनी स्वभाव का बड़ा रूप है।
  • जैसा आप सोचते हो वैसा ही बन जाओगे। खुद को सबल मानते हो तो सबल और निर्बल मानते हो तो निर्बल बन जाओगे।
  • अगर आप किसी की मदद को हाथ बढ़ा सकते हैं तो जरूर बढ़ाएं। परंतु अगर नहीं बढ़ा सकते हैं तो दोनों हाथ जोड़ें और उन्हें आशीर्वाद देकर उन्हें उनके मार्ग पर जाने दें।
  • हम जो भी हैं हमारे विचारों की वजह से है। इसलिए सावधानी से सोचे, शब्द गौण हैं परन्तु विचार दूर तक यात्रा करते हैं।
  • हम जितना बाहर आते हैं और जितना दूसरों का भला करते हैं, हमारा दिल उतना ही शुध्द होता हैं और उसमे उतना ही भगवान का निवास होगा।
  • भगवान को अपने प्रिय की तरह पूजा जाना चाहिए, यह पूजा आज और अगले जीवन से बढ़कर होनी चाहिए।
  • जिस प्रकार अलग-अलग धाराएँ अलग-अलग जगह से आती हैं पर सभी एक जगह सागर में मिल जाती हैं। उसी तरह भिन्न- भिन्न विचारों के लोग अंत में भगवान के पास आ जाते हैं।
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तो दोस्तो आशा करता हूं कि आपने स्वामी विवेकानन्द जी के ये अनमोल विचार आपके जीवन में उत्कृष्ट परिवर्तन लायेंगे और आप इन विचारों को अपना कर जीवन में प्रगति के पथ पथ अग्रसर होंगे। आप इनमें से किन-किन विचारों को अपनाने का संकल्प लिया है कृपया कमेंट करके हमें जरुर बताएं और इसे अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करें।
आप सभी को स्वामी विवेकानंद जयंती और राष्ट्रीय युवा दिवस की ढेर सारी शुभकामनाएं। धन्यवाद

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