success tips for entrepreneurs- 4 बातें जो आपको सफल होने से रोक रही है

अगर लाइफ़ में कुछ बड़ा करना तो कुछ बड़ा सोचो, बड़े सपने देखों, कोई बड़ा लक्ष्य बनाओं और उसे पूरा करो। जहां भी सफलता की बात होती है, वहां यह बात सुनने को जरूर मिलती है। और लाखों लोग ऐसा करते भी हैं। वे बड़ा भी सोचते हैं; सपने भी देखते हैं; और उसे पूरा करने के लिए लक्ष्य भी बनाते हैं। लेकिन दुःख की बात रह है कि उनमें से बहुत कम लोग ही सफल हो पाते हैं। यहीं कोई 5 या 10% लोग। तो वजह क्या है कि लाखों लोग अपने लक्ष्य को पूरा नहीं कर पाते। क्या वजह है कि लाखों लोगों के सपने अधूरे रह जाते हैं।‌‌ दोस्तों शायद आप लोग भी अपने लाइफ में कुछ बड़ा करना चाहते होंगे। हो सकता है कि आप डाक्टर, इंजिनियर, एक्टर, सिंगर या कुछ और बनना चाहते हों। आपका भी कोई सपना हो; कोई भी लक्ष्य हो। लेकिन अगर आपके रास्ते में रूकावटें आ रही है। अगर आप अपने लक्ष्य से भटक रहे हैं तो यह आर्टिकल आपके बहुत काम आ सकती है। मैंने इस आर्टिकल को सुप्रसिद्ध लेखक गैरी केलर की पुस्तक "the one thing" से प्रेरित हो कर लिखा है। Gary keller विश्व की सबसे बड़ी रियल स्टेट कंपनी "keller Williams reality" के चेयरमैन, व्यापारिक प्रशिक्षक, वक्ता और लेखक है। इस बुक में उन्होंने चार प्रमुख कारण बताएं है। जिसकी वजह से अधिकांश लोग अपने लक्ष्य से भटक जाते हैं। नहीं कर पाते। अधिकांश लोगों के सपने सपने ही रह जाते हैं।

तो आइए जानते हैं-: वे चार कारण कौन-कौन से हैं। 

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1. सबको खुश करने की आदत

अक्सर ऐसा होता है कि जब हम अपने goals से related कोई काम कर रहे होते हैं। study कर रहे होते हैं; कोई जरूरी task पूरा कर रहे होते हैं अर्थात जब हम अपने फ्लो स्टेट में होते हैं। उसी समय कोई हमें डिस्टर्ब कर देता है। कभी कोई मदद मांगने आ जाता है; कभी कोई मिलने चला आता है; हमारा साथ मांगने चला आता है अथवा कभी कोई काॅल या मैसेज कर देता है। फिर हमे अपना जरूरी काम छोड़कर उन्हें समय देना पड़ता है। अक्सर वे हमारे दोस्त, रिश्तेदार या परिवार के सदस्य ही होते हैं, इसलिए हम चाह कर भी उन्हें ना नहीं कर पाते। लेकिन हम ये भूल जाते हैं कि दूसरों को हां करके हम अपने सपनों को ना कह रहे होते हैं। हमें ये पता होना चाहिए कि इस वजह से हमारा कंसंट्रेशन खराब होता है। धीरे- हमारी प्रोडक्टिविटी कम होती जाती है और हम लक्ष्य से काफी पीछे रह जाते हैं। इसलिए हमें अपनी प्राथमिकता तय करनी होगी कि किसे हां कहना है और किसे ना कहना है। हां ये बात ठीक है कि हमें सबको साथ लेकर चलना चाहिए। हमे दूसरों की परेशानियों को भी समझना चाहिए और उनकी मदद करनी चाहिए। परन्तु एक सच ये भी है कि हर बार' हर किसी को खुश करना संभव नहीं है। और बात जब हमारे गोल्स की हो, सक्सेस की हो तो हमें दुसरों को ना कहना सीखना ही होगा। वरना हम खुद को कभी खुश नहीं रख पायेंगे।

2. परिस्थितियों का शिकार बन जाना


किसी भी क्षेत्र में असाधारण सफलता प्राप्त करने के लिए अपना सारा ध्यान,सारी ऊर्जा किसी एक चीज पर फोकस करना पड़ता है। और जब हम अपना सारा अटेंशन किसी एक चीज की तरफ देने लगते हैं तो बाकी सारी चीजें पीछे छुटने लगते हैं। ऐसे में हमारे लाइफ में अव्यवस्था फैलना स्वाभाविक है। क्योंकि हमारी लाइफ में और भी बहुत सारे काम होते हैं, बहुत सारी जिम्मेदारीयां होती है। मां बाप, बीवी बच्चे,जाब, पैसा और भी बहुत सारी चीज़ें होती है जिन्हें नजर अंदाज नहीं किया जा सकता। एक तरफ ये सारी चीजें और एक तरफ हमारे सपने। इन सबको मैनेज करना आसान नहीं होता। कई बार परिस्थितियां इतनी उलझ जाती है कि हम परेशान हो जाते हैं। कभी कभी तनाव इतना बढ़ जाता है कि हम दुखी और निराश हो जाते हैं। मेरे साथ भी कई बार ऐसा होता है कि मन करता है कि सब कुछ छोड़ छाड़ कर बैठ जाएं। यहीं वह समय होता है जहां अधिकांश लोग परिस्थितियों के शिकार हो जाते हैं। वे अव्यवस्था से घबराकर quite कर जाते हैं। ऐसे समय में हमें ये याद रखना चाहिए कि असाधारण परिणाम पाने के लिए असाधारण इंम्तिहानो से भी गुजरना पड़ता है। यदि आप अपने सपनों तक, अपने लक्ष्य तक पहुंचना चाहते हैं तो बुद्धिमानी और समझ का परिचय देते हुए इन सबके बीच सामंजस्य बिठाना सीखना ही होगा। 


3. स्वास्थ्य संबंधी आदतों का खराब होना


अगर कभी बीच सफर में आपकी कार या बाइक ने धोखा दे दिया हो तो रिलेट करना कि अभी मैं क्या कह रहा हूं। देखिए हमारा शरीर में एक कार के जैसा है। जिसका प्रयोग करके हमें अपने लक्ष्य तक पहुंचना है। लेकिन अगर आप इसके अंदर घटिया क्वालिटी का इंधन डालेंगे और ठीक से उसका रख रखाव नहीं करेंगे तो बीच रास्ते में ही आपकी गाड़ी खराब हो जाएगी। और हम या तो अपने मंजिल तक देर से पहुंचेंगे या बीच रास्ते में ही उसे छोड़ना पड़ेगा। किसी भी असाधारण लक्ष्य तक पहुंचने के लिए असाधारण उर्जा और मजबूत शरीर की जरूरत पड़ती है। और आपको तो पता ही होगा कि हम जो आहार ग्रहण करते हैं, उसी से हमें उर्जा मिलती है। अदि आप नियत समय पर पैष्टिक आहार नहीं ग्रहण करेंगे और फिजिकल एक्टिविटीज नहीं करेंगे तो आपका शरीर धीरे-धीरे कमजोर होता जाएगा और एक दिन आपका ही शरीर आपको धोखा दे देगा। फिर आप चाह कर भी कुछ नहीं कर पायेंगे।


4. आपका परिवेश


हमारे बड़े बुजुर्ग सही कहते हैं कि बूरे लोगों की संगति मत में रहो। हावर्ड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर निकोलस एच क्रिस्टाकिम और कैलौरफोनिया यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर जेम्स एच फाउलर ने इसी विषय पर एक बुक लिखी है। "द सरप्राइजिंग पावर आफ आवर सोशल नेटवर्कस एंड हाऊ शेप आवर लाइव्स।" इस बुक में उन्होंने बताया है कि आप अपना अधिकांश समय जिन लोगों के साथ बिताते हैं। समय के साथ हम भी उन्हीं के जैसे खाना पीना, सोचना, काम करना और व्यवहार करना शुरू कर देते हैं। चाहे आप मानसिक रूप भी कितने ही मजबूत क्यों ना हो। गलत परिवेश का आपके ऊपर गलत प्रभाव पड़ता ही है।‌ कहने का मतलब यह है कि यदि आप ऐसे लोगों के साथ रहते हैं। जो आपको आपके लक्ष्य तक पहुंचाने में सहयोग नहीं करते तो आप अपने लक्ष्य से भटक सकते हैं। नकरात्मक परिवेश का आपके प्रोडक्टिविटी पर नकरात्मक प्रभाव पड़ता है। अतः ऐसे माहौल में रहने की कोशिश करें। जो आपको आपके सपनों तक, आपके लक्ष्य तक पहुंचने में सहयोग करें। 


तो दोस्तों यहीं वह चार मुख्य कारण है जो आपके और आपकी सफलता के बीच रूकावट डाल रहे हैं। यदि आप अपने लक्ष्य को हासिल करना चाहते हैं तो आपको इस बात को समझते हुए अपनी रणनीति में बदलाव करना ही पड़ेगा।

अगर आप विषय में पूरे विस्तार से जानना चाहते हैं तो मैं रिकमेंड करूंगा कि आपको कैरी केलर की बुक "द वन थींग" जरूर पढ़ना चाहिए। नीचे मैंने इस बुक का लिंक डाल दिया है। आप चाहे तो Amazon👈 से ऑनलाइन खरीद सकते हैं।


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